अब 12 घंटे की बजाए साढ़े आठ घंटे सो रहे बच्चे, 89% के पास अपना फोन | School Students Social Media Addiction Vs Sleep Deprivation | England University Latest Study


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लंदन6 घंटे पहले

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स्कूल जाने वाले बच्चे सप्ताह में उतनी ही नींद खराब कर रहे हैं, जितना समय वो सोशल मीडिया साइट्स पर बिताते हैं। 10 साल की उम्र के बच्चों को औसत 9 से 12 घंटे सोने की सलाह दी जाती है। लेकिन डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी, लीसेस्टर इंग्लैंड की एक रिसर्च में पाया गया है कि 10 साल के वो बच्चे जो सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, औसतन रात में केवल 8.5 घंटे की नींद ही ले पाते हैं।

रिसर्चर डॉ जॉन शॉ ने बताया कि 69% बच्चों ने कहा कि वे दिन में चार घंटे से ज्यादा समय तक सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। 10 साल के 60 स्कूली बच्चों पर की गई इस रिसर्च में पाया गया कि सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया साइट वीडियो-शेयरिंग ऐप टिकटॉक है। रिसर्च में शामिल 89% बच्चों ने इसका इस्तेमाल किया है।

दोस्त क्या कर रहे, बच्चे ये जानना चाहते हैं

लीसेस्टर के स्कूलों में की गई स्टडी में 10 साल की उम्र के 60 बच्चों की भर्ती की गई, जिनमें से सभी की सोशल मीडिया तक पहुंच थी। इनमें से 89% के पास अपना स्मार्टफोन था। इनमें 57% ने फोटो-शेयरिंग साइट इंस्टाग्राम का उपयोग किया, 17% ने रेडिट फोरम और 2% से कम ने फेसबुक का इस्तेमाल किया।

डॉ. शॉ कहते हैं कि जिस आयु वर्ग पर शोध हुआ है, उनके दोस्तों का एक बड़ा नेटवर्क है। वे जानना चाह रहे होते हैं कि उनके दोस्त क्या कर रहे हैं। ऐसे में वे सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहते हैं। एक दूसरी रिसर्च के मुताबिक, लगभग दो-तिहाई बच्चे सोने से दो घंटे पहले सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं।

फोन की वजह से बढ़ रही ऑनलाइन सट्टे की लत

प्यू रिसर्च सेंटर के एक शोध के अनुसार, अमेरिका में हर पांचवें युवा यानी लगभग 19% युवाओं ने साल भर के भीतर किसी न किसी तरह के खेल में पैसा लगाया है। इसमें वे ज्यादातर बार ऑनलाइन सट्टेबाजी का शिकार हुए हैं।

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