अलविदा महारानी…वेस्टमिंस्टर एबी में जुटी हजारों की भीड़, नम आंखों से दुनिया ने दी अंतिम विदाई


ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का अंतिम संस्कार (Queen Elizabeth II Funeral) आज लंदन के वेस्टमिंस्टर एबी में किया जा रहा है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी लंदन पहुंच गई हैं और उन्होंने भारत की ओर से महारानी को अपना सम्मान दिया और किंग चार्ल्स III से मुलाकात की. महारानी एलिजाबेथ की अंतिम संस्कार में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन समेत दुनियाभर के कई दिग्गज पहुंचे.

महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार से पहले उनके सम्मान में पूरे ब्रिटेन में दो मिनट का मौन रख गया. कैंटरबरी के आर्कबिशप जस्टिन वेल्बी और द लॉर्ड्स माई शेफर्ड ने महारानी की अंत्येष्टि (Funeral) में धर्मोपदेश दिया. उन्होंने कहा कि जनता का महारानी के प्रति ‘हमने जो प्रेम और स्नेह देखा है, वह कुछ ही नेताओं के लिए देखने को मिलता है.’

‘खुशमिजाज थीं महारानी’
वेस्टमिंस्टर एबे में महारानी के अंतिम संस्कार के दौरान प्रार्थना में इंग्लैंड के चर्च के आर्कबिशप ने कहा कि महारानी ‘खुशमिजाज थीं. लोगों की परेशानी को सुनने के लिए वह हमेशा मौजूद रहती थीं. उन्होंने बहुत से लोगों के जीवन को छुआ.’ महारानी एलिजाबेथ के 21वें जन्मदिन पर उनके वादे पूरा जीवन अपने राष्ट्र और राष्ट्रमंडल की सेवा के लिए समर्पित रहेगा. वेल्बी ने कहा कि ऐसे वादों को निभा पाना बहुत दुर्लभ होता है.’

दी गई अंतिम विदाई
गाया गया साल 1947 का गाना
शाही Funeral के समय क्वीन एलिजाबेथ-II की स्मृति में धार्मिक पाठ किया गया. इसमें स्तुति गाना ‘द लॉर्ड्स माई शेफर्ड’ भी शामिल है. जिसे 1947 में इसी वेस्टमिंस्टर एबे में प्रिंस फिलिप के साथ एलिजाबेथ की शादी के समय गाया गया था. महरानी की अंतिम विदाई में दुनियाभर से लगभग 500 राजघरानों, राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया.

9 साल के प्रिंस जॉर्ज और प्रिंसेस शेरलोट भी पहुंचे
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के ताबूत को सोमवार को राजकीय अंतिम संस्कार के लिए वेस्टमिंस्टर एबे ले जाया गया और इस दौरान बिग बेन की आवाज बंद हो गई. उनके सम्मान में प्रार्थनाएं बजने लगीं. महारानी के ताबूत की इस यात्रा में उनके बेटे और महाराजा चार्ल्स पीछे चल रहे थे. महाराजा के साथ उनके बेटे प्रिंस विलियम और प्रिंस हैरी और भाई-बहन प्रिंसेस एनी और प्रिंस एंड्रयू-प्रिंस एडवर्ड भी साथ थे. इस अंतिम यात्रा में साथ चलने वाले राजपरिवार के सबसे कम उम्र के सदस्यों में 9 साल के प्रिंस जॉर्ज और 7 साल की प्रिंसेस शेरलोट थीं. दोनों अपने माता-पिता प्रिंस और प्रिंसेस ऑफ वेल्स के बीच में चल रहे थे.

दुनियाभर से दिग्गज हुए शामिल
लंदन के वेस्टमिंस्टर एबे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन समेत दुनियाभर के करीब 500 नेता एवं शाही परिवार के लोग पहुंचे. सत्तर साल तक राजगद्दी पर आसीन रहीं महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का 8 सितंबर को बाल्मोरल कैसल स्थित उनके आवास में निधन हो गया था. वह 96 वर्ष की थीं. बड़ी संख्या में लोग लंदन में सर्द रात की परवाह किए बगैर संसद के वेस्टमिंस्टर हॉल में ‘लाइंग इन स्टेट’ में रखे महारानी के ताबूत के अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंचे.

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