चीन सीमा से सटी व्यास घाटी में फंसे 56 लोगों पिथौरागढ़ लाया गया





चीन सीमा से सटे उच्च हिमालयी क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से फंसे 56 लोगों को बुधवार को बचाकर सुरक्षित पिथौरागढ़ लाया गया। इनमें से कुछ पर्यटक भी शामिल हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेश महर ने बताया कि अतिवृष्टि के चलते मार्ग बाधित होने से उच्च हिमालयी क्षेत्र में बसे व्यास घाटी के सात गांवों के लोग पिछले कुछ दिनों से यहां फंसे हुए थे। ये लोग तराई से अपने गांवों में पूजा अर्चना के लिये गये हुए थे।

बताया जा रहा है कि मालपा के पास सड़क चौड़ीकरण के चलते लगातार हिमस्खलन होेने एवं पत्थर आने से यातायात बाधित हो गया था। इन लोगों की ओर से लगातार प्रशासन से उन्हें हेलीकाप्टर सेवा से निकालने की मांग की जा रही थी। इसके बाद जिलाधिकारी डा0 आशीष चौहान की ओर से इस मामले में शासन से बात की गयी। शासन की पहल पर आज दो चिनुक हेलीकाप्टर पिथौरागढ़ भेजे गये।

महर ने बताया कि दिन भर की मशक्कत के बाद गूंजी से कुल 56 लोगों को सुरक्षित लाया गया। इनमें से 32 लोगों को पिथौरागढ़ जबकि 24 लोगों को सुरक्षित धारचूला आधार शिविर पहुंचाया गया। इनमें कुछ पर्यटक भी शामिल थे।

उल्लेखनीय है कि मार्ग बाधित होने से आदि कैलाश यात्रियों के दो दल भी पिछले कुछ दिनों से बूंदी शिविर में फंस गये थे। इनमें 40 तीर्थयात्री शामिल थे। जिला प्रशासन के निर्देश पर राज्य आपदा प्रबंधन की टीम ने इन तीर्थयात्रियों को मंगलवार को सकुशल धारचूला पहुंचाया। आज सभी तीर्थयात्री अगले पड़ाव भीमताल पहुंच गये हैं। वहां से सभी अपने गतंव्य को रवाना हो जायेंगे। दो दिन में कुल 96 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

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