Helmet May Help To Cure Dementia and Boost Memory | याद्दाश्त को घटने से रोकेगा हेलमेट, इससे निकलने वाली इंफ्रारेड किरणें ब्रेन की गहराई तक जाकर कोशिकाओं को एक्टिव करती हैं


3 घंटे पहले

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हेलमेट पहनकर याद्दश्त भी बढ़ाई जा सकेगी। इंग्लैंड के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा ही हेलमेट बनाने का दावा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है, इस हेलमेट के जरिए बुजुर्गों में भूलने की बीमारी (डिमेंशिया) को कंट्रोल किया जा सकेगा। इस हेलमेटनुमा डिवाइस की कीमत 7.5 लाख रुपए बताई गई है।

इस हेलमेट को तैयार करने वाली इंग्लैंड की डरहम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है, दिनभर में इसे दो बार 6-6 मिनट पहनने पर याद्दाश्त में इजाफा होने के साथ न्यूरॉन्स और ब्रेन स्किल्स में सुधार देखा गया।

शोधकर्ताओं का कहना है, ब्रिटेन में 8.5 लाख लोग डिमेंशिया से जूझ रहे हैं। ऐसे मरीजों के लिए यह हेलमेट एक गेम-चेंजर डिवाइस साबित हो सकता है।

कैसे काम करता है हेलमेट, इसे समझें
हेलमेट विकसित करने वाले डॉ. गॉडर डूगल का कहना है, यह डिवाइस ‘फोटो बायोमॉडुलेशन’ की तरह काम करती है। इसके लिए मरीज को यह हेलमेट पहनाया जाता है। इससे निकलने वाली इंफ्रारेड किरणें दिमाग की गहराई तक पहुंचती है।

आसान भाषा में समझें तो यह ब्रेन की मृत हो रही कोशिकाओं को रिपेयर करके उनकी काम करने की क्षमता को पहले से बेहतर बनाने का काम करता है। यह डिवाइस माइटोकॉन्ड्रिया को बूस्ट करके कोशिकाओं को एनर्जी देता है ताकि ये ब्रेन की इम्यून सेल्स को एक्टिवेट कर सकें और डिमेंशिया की वजह बनने वाले जहरीले तत्वों को बाहर निकल सकें।

शोधकर्ताओं का मानना है कि थैरेपी की मदद से ब्रेन नाइट्रिक ऑक्साइड का लेवल बढ़ता है और ब्लड सकुलेशन में भी इजाफा होता है। ऐसा होने पर ब्रेन की कोशिकाओं तक ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचती है। इसलिए ब्रेन पर सकारात्मक असर होता है।

ऐसे हुई रिसर्च
शोधकर्ताओं ने हेलमेट के ट्रायल में 13 लोगों को शामिल किया। ट्रायल से पहले और बाद में इनकी जांच की गई। रिसर्च रिपोर्ट में सामने आया कि इनके ब्रेन के काम करने की क्षमता और याद्दाश्त में इजाफा हुआ।

शोधकर्ताओं का कहना है, रिसर्च में यह साबित हुआ है कि इंफ्रारेड लाइट ट्रीटमेंट डिमेंशिया से जूझने वाले मरीजों के लिए गेम चेंजिंग थैरेपी साबित हो सकता है। इस पर आगे भी रिसर्च जारी रहेगी और यह समझने की कोशिश की जाएगी कि क्या इसे अल्जाइमर्स के मरीजों के इलाज में इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं।

क्या होता है डिमेंशिया

डिमेंशिया का मतलब है मेमोरी लॉस। डिमेंशिया दो तरह का होता है। पहला, वो जिसका इलाज संभव है। दूसरा, वो जिसका कोई इलाज नहीं है यानी डीजेनरेटिव डिमेंशिया, अल्जाइमर्स भी इसी कैटेगरी की बीमारी है।

ब्रेन की ऐसी कोशिकाएं जो मेमोरी को कंट्रोल करती हैं, वे सूखने लगती हैं। जिसका असर गिरती याद्दाश्त के रूप में दिखता है और रिकवर करना नामुमकिन हो जाता है। ऐसा होने पर डिमेंशिया की स्थिति बनती है।

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