Masik Shivratri 2022: इसलिए खास है मार्गशीर्ष मास की शिवरात्रि, इस तरह पाएं जीवन के कष्टों से मुक्ति


हर माह की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत किया जाता है और इस समय मार्गशीर्ष माह चल रहा है। भगवान शिव को समर्पित यह तिथि इस बार 22 नवंबर दिन मंगलवार को है। मासिक शिवरात्रि का व्रत परिवार के कल्याण और जीवन के कष्टों से मुक्ति के लिए रखा जाता है। इस शिवरात्रि का मार्गशीर्ष माह में पड़ने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि इस मास में शिवरात्रि का व्रत करने से मोक्ष की भी प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र में मार्गशीर्ष मास में पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि का महत्व बताते हुए कुछ उपाय भी बताए गए हैं। इन उपायों के करने से कष्टों से मुक्ति के साथ-साथ भगवान शिव का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। आइए जानते हैं मार्गशीर्ष मास में पड़ने वाली इस शिवरात्रि को कौन से उपाय करने चाहिए…

इस उपाय से दूर होंगे जीवन के कष्ट

मार्गशीर्ष मास की शिवरात्रि के दिन व्रत करें और पूरे परिवार के साथ शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें। रुद्राभिषेक के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जप कर रहें और रुद्राष्टकम स्तोत्र का पाठ करें। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है।

इस उपाय से मनोकामना होगी पूरी

शिवपुराण में बताया गया है कि भगवान शिव सबसे जल्दी प्रसन्न होते हैं इसलिए शिवरात्रि के दिन 108 बेलपत्रों पर चंदन से ऊँ नम शिवाय लिखें और फिर शिव के बीज मंत्र का जप करते हुए एक-एक करके चढ़ाएं। ऐसा करने से आपकी मनोकामना जल्द ही पूरी होती है और घरेलू परेशानियों से निजात मिलती है।

इस उपाय से बनते हैं धन आगमन के योग

मार्गशीर्ष मास की शिवरात्रि के दिन बेलपत्र के पेड़ के नीचे स्नान करने से कई जन्मों के पाप क्षय हो जाते हैं, ऐसा शिवपुराण में बताया गया है। स्नान के बाद शिवरात्रि के दिन बेलपत्र के पेड़ के नीचे ही गरीब व जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन अवश्य कराएं लेकिन ध्यान रखें कि उसमें खीर जरूर हो। ऐसा करने से धन आगमन के योग बनना शुरू हो जाते हैं।

इस उपाय से भगवान शिव की मिलती है कृपा

मासिक शिवरात्रि के दिन घर में सुख-शांति के लिए पारद शिवलिंग की स्थापना कर विधिपूर्वक अभिषेक कर सकते हैं। ऐसा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जल्द ही मनोकामना पूरी होती है। पारद शिवलिंग के अलावा घर में दूसरा शिवलिंग नहीं होना चाहिए, ऐसा धार्मिक मान्यताएं कहती हैं।

इस उपाय से ग्रह नक्षत्र रहते हैं अनुकूल

ग्रह दशा अगर सही नहीं चल रही है तो मार्गशीर्ष मास की शिवरात्रि के दिन आप घर में महामृत्युंजय मंत्र का जप कर हवन कर सकते हैं। ऐसा करने से ग्रह-नक्षत्र अनुकूल परिणाम देते हैं और जीवन की कई परेशानियों से राहत मिलती है।



Source link

Add a Comment

Your email address will not be published.