Surya Shukra Yuti वृश्चिक राशि में शुक्र और सूर्य की युति खतरनाक, जानें इसका प्रभाव और उपाय


नवंबर महीने में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। वृश्चिक राशि में बुध के साथ शुक्र और सूर्य की युति बन रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र और सूर्य दोनों ही प्रभावशाली ग्रह हैं लेकिन एक राशि में इन दोनों का आना अच्छा नहीं माना जाता। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सूर्य के नजदीक अंशों में कोई भी ग्रह आता है तो वह अस्त होकर अपना शुभ फल खो देता है। ऐसा ही वृश्चिक राशि में देखने को मिल रहा है। वृश्चिक राशि में सूर्य के साथ शुक्र के आने से उसका शुभ फल खत्म हो जाएगा। इसका प्रभाव देश-दुनिया समेत आपके जीवन पर भी देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं वृश्चिक राशि में बन रहे सूर्य शुक्र की युति का आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा और इसके प्रतिकूल प्रभा को आप किन उपायों से दूर कर सकते हैं।

सूर्य व शुक्र की युति से बना युति योग
वृश्चिक राशि में शुक्र का प्रवेश 11 नवंबर को हुआ था, इसके बाद 13 नवंबर को इसी राशि में बुध का आगमन हुआ और फिर 16 नवंबर को सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर हो रहा है। सूर्य और शुक्र की जब इस तरह युति बनती है, तब उसे ‘युति योग’ कहा जाता है। इस योग के बनने से सबसे ज्यादा प्रभाव आपके वैवाहिक, आर्थिक और सामाजिक जीवन पर पड़ता है। इसके साथ ही शुक्र ग्रह से संबंधित रोगों का सामना करना पड़ सकता है।

सूर्य शुक्र युति योग का अशुभ प्रभाव
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, सूर्य और शुक्र ग्रह जब साथ होते हैं तो शुभ फल नहीं दे पाते हैं। इसके प्रभाव से व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस युति से जातक को दांपत्य जीवन में कई तरह की परेशानियां होती हैं और अपने आसपास के सभी रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। साथ ही व्यक्ति की आपसी समझ भी कम हो जाती है, जिससे उसके निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। युति योग से व्यक्ति के अंदर अहंकार की भावना भी बढ़ने लगती है, जिससे जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। इस दौरान व्यक्तियों को कहीं भी निवेश ना करने की सलाह दी जाती है।

सूर्य शुक्र युति के अशुभ प्रभाव को दूर करने के उपाय

  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य और शुक्र की युति बनने से हर रोज मां दुर्गा की पूजा करें और दुर्गा चालीसा का पाठ करें। मां दुर्गा की हर रोज पूजा करने से ग्रह-नक्षत्र अनुकूल बने रहते हैं और जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। मां दुर्गा के कृपा से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
  • भौतिक सुख-सुविधा, संपत्ति, सुंदरता आदि के कारक ग्रह शुक्र को बलवान बनाने के लिए भोजन से पहले गाय को ताजी रोटी खिलाएं। ऐसा करने से कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत होगी और जीवन में संपन्नता आएगी।
  • ग्रहों के शुभ प्रभाव के लिए आप सोने का आभूषण धारण करना बहुत उत्तम माना गया है। इसके अलावा आप चांदी का छल्ला भी धारण कर सकते हैं।
  • युति योग के अशुभ प्रभाव से मुक्ति के लिए अपने पिता का सम्मान करें और उनके साथ रिश्तों को मजबूत बनाने का प्रयास करें। साथ ही उनके निर्णयों का पालन करें। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखें कि औरतों का सम्मान करना बहुत जरूरी है, अपने आस पास किसी भी औरत को किसी भी तरह का दुख ना दें।
  • हर रोज सूर्य देव को जल दें और सूर्य नमस्कार करें, ऐसा करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होगी और ग्रहों का शुभ फल भी मिलेगा। इसके साथ ही दूध व नारियल का दान अवश्य करें।

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